तुला राशि (Aaj ka rashifal) : 16 सितंबर 2025

तुला राशि ग्रहों का प्रभाव (Tula Rashi Planetary Overview) 

तुला राशि 16 सितंबर 2025 चन्द्रमा और गुरु (दोनों पुनर्वसु नक्षत्र) उच्च शिक्षा और धर्म से जुड़ी चीजों के प्रति भावनात्मक आकर्षण और बौद्धिक समीक्षा दोनों महसूस होंगे। लग्न में मंगल (चित्रा नक्षत्र) बैठा है, जिससे व्यक्तित्व में तेज़ी, पहल करने वाला और दृढ़ रहेगा।

Tula rashifal 16 september 2025 (तुला राशि)

तुला राशि आज का राशिफल (Tula Rashi Aaj Ka Rashifal)

16 सितंबर 2025 का दिन आपके लिए बातचीत, कागजी काम और सार्वजनिक रूप से दिखने के लिए अनुकूल है। किसी सामाजिक समारोह या समूह में आपकी उपस्थिति पर ध्यान दिया जाएगा। परिवार में घरेलू कामों का बोझ बढ़ सकता है और मंजूरियों में देरी होगी। आज आपको अपने भाई-बहनों या छोटे रिश्तेदारों से मदद या कोई संदेश मिलेगा। छोटी यात्राओं या फोन कॉल से तुरंत संपर्क बनेंगे।

तुला करियर राशिफल (Tula Career Rashifal)

आज आप किसी सार्वजनिक संबंध, ग्राहक को प्रस्ताव देने या टीम की बैठक में नेतृत्व करेंगे। आपको पहचान मिलेगी, पर अंदरूनी रूप से आपमें अनिश्चितता बनी रहेगी। आप दृढ़ रहेंगे, इसलिए अपनी बातचीत को नियंत्रित रखें। अपनी नौकरी या प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए कागजी काम में स्पष्टता रखें।

तुला आर्थिक राशिफल (Tula Finance Rashifal) 

आय तो होगी, पर छिपे हुए खर्चों या जुर्माने की संभावना है। आपको जोखिम भरे कामों में शामिल होने का लालच हो सकता है, लेकिन बिना समझौते और दस्तावेजों की जाँच किए ऐसा करना जोखिम भरा होगा । आपको किसी काम में देरी भी संभव है।

तुला प्रेम राशिफल (Tula Love Rashifal) 

रिश्तों में तेजी और दृढ़ता रहेगी। आपके कर्मों के कारण आपको कुछ परीक्षाओं का सामना करना पडेगा, जिससे असहमति देखने को मिलेगी। आपको कोई असामान्य आकर्षण या अचानक कोई प्रस्ताव मिलने के योग भी हैं।

तुला स्वास्थ्य राशिफल (Tula Health Rashifal) 

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक होने में समय लगेगा। आपकी पुरानी बीमारी या समस्या फिर से उभर सकती है। आपकी शारीरिक ऊर्जा तो बनी रहेगी, पर चिड़चिड़ापन और मानसिक स्तर अस्थिर रहेगा। दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखें, और तनाव से जुड़ी समस्याओं से बचें।

तुला राशि उपाय और सुझाव (Tula Rashi Remedies & Tips)

  • हनुमान चालीसा या मंगल स्तोत्र का पाठ करें, ताकि मंगल की आवेगपूर्ण ऊर्जा संतुलित रहे।
  • पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें या शनिदेव को काला तिल चढ़ाएँ
  • अटकलें और आवेग नियंत्रित करने के लिए माँ दुर्गा को चावल अर्पित करें