मेष राशि (Aaj ka rashifal) : 20 सितंबर 2025

मेष राशि ग्रहों का प्रभाव (Mesh Rashi Planetary Overview) 

मेष राशि 20 सितंबर 2025 लग्नेश मंगल (चित्रा नक्षत्र ) तुला में है यह आत्म-प्रकृति को पार्टनरशिप-ओरिएंटेड और डिप्लोमैटिक बनाएगा, भीतर से तीव्रता रहेगी। पंचम भाव सिंह में चंद्र व केतु (दोनों पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र) और शुक्र (मघा नक्षत्र), तीनों साथ हैं — रचनात्मकता, प्रेम, संतान विषय अत्यधिक सक्रिय परंतु असंतुलित रहने की सम्भावना है।

Mesh rashifal 20 september 2025 (मेष राशि)

मेष राशि आज का राशिफल (Mesh Rashi Aaj Ka Rashifal)

20 सितंबर 2025 आप अपने सामाजिक नेटवर्क और मित्र मंडली से अप्रत्याशित अवसर पाएंगे, कोई नया समूह या संगठन आपको आकर्षित कर सकता है। घर में छोटे उत्सव या बच्चों से जुड़ी गतिविधि से वातावरण हल्का और आनंदमय रहेगा। छोटी यात्राओं और संचार में अचानक लाभ का योग है, पर वचनबद्धताओं में जल्दबाजी से बचना होगा।

 मेष करियर राशिफल (Mesh Career Rashifal)

करियर में साझेदारी या अनुबंध आधारित कार्य से लाभ की संभावना है। परंतु शनि द्वादश में वक्री है काम की सार्वजनिक पहचान देर से मिलेगी, प्रारंभिक मेहनत परदे के पीछे ही रहेगी। सरकारी या अंकेक्षण (audit) प्रकार के कार्यों में सावधानी बरतें।

मेष आर्थिक राशिफल (Mesh Finance Rashifal) 

धन के क्षेत्र में खर्च और बचत का द्वंद्व रहेगा। शुक्र सिंह में होने से आकर्षक खर्च (लक्ज़री, शोभा) बढ़ सकते हैं लेकिन अचानक खर्च के बाद भी अनुशासन से बचत संभव होगी। निवेश सट्टा या कम समय के लिए लाभकारी हो सकते हैं, पर लंबे समय के लिए आर्थिक योजना में धैर्य रखना जरूरी है।

 मेष प्रेम राशिफल (Mesh Love Rashifal) 

चंद्र–शुक्र–केतु संयोजन से भावनात्मक उतार-चढ़ाव रहेंगे। सुबह आकर्षण रहेगा, दोपहर के बाद व्यवहार अधिक व्यावहारिक हो जाएगा। जीवन में एक नया आकर्षण अचानक आएगा, पर उसकीलम्बे समय के लिए टिकेगा या नहीं कुछ नहीं कह सकते। आपके रिश्तों में अहंकार का टकराव संभव है, इसलिए धैर्य रखें।

मेष स्वास्थ्य राशिफल (Mesh Health Rashifal) 

दिन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का है पाचन और थकान से सावधान रहें। अधिक कार्यभार से तनाव बढ़ सकता है। नियमित दिनचर्या और योग/ध्यान से राहत मिलेगी। पुरानी बीमारियों में सुधार हेतु अनुशासन ज़रूरी होगा।

मेष राशि उपाय और सुझाव (Mesh Rashi Remedies & Tips)

  • प्रातःकाल आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य को जल अर्पण करें ऊर्जा संतुलित रहेगी।
  • सायंकाल देवी लक्ष्मी या माता को पुष्प अर्पित करें रिश्तों में सामजस्य बनाता है।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें अनिश्तिताओं से बचाव करेगा।