मिथुन राशि (Aaj ka rashifal) : 6 अक्टूबर 2025
मिथुन राशि ग्रहों का प्रभाव (Mithun Rashi Planetary Overview)
मिथुन राशि दशम भाव में चंद्रमा (उत्तराभाद्रपद नक्षत्र) और शनि वक्री स्थित हैं सार्वजनिक भावनात्मक दृश्यता और साथ ही कर्मों से जुड़ी देरी और कर्तव्यों का सामना करना पड़ेगा। लग्न में गुरु (पुनर्वसु नक्षत्र) का होना आपके सीखने और सिखाने वाले स्वभाव को बढ़ाएगा, और आप में आशावाद रहेगा। पर शत्रु राशि में होने से आपमें एकाग्रता की कमी रह सकती है।

मिथुन राशि आज का राशिफल (Mithun Rashi Aaj Ka Rashifal)
6 अक्टूबर 2025 आज अचानक ही आपकी छोटी यात्राएँ या मीटिंग की योजनाएँ बदल सकती हैं। किसी दोस्त या सहकर्मी से मिली खबर के कारण आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव करना पड़ेगा। ऑनलाइन बात करते समय गलती या देर से जवाब देने के कारण छोटी-मोटी ग़लतफ़हमियाँ होंगी।
मिथुन करियर राशिफल (Mithun Career Rashifal)
कार्यस्थल पर ज़िम्मेदारियों का बोझ रहेगा और आपको पुराने लक्ष्यों या रिपोर्ट की जाँच करनी पड़ सकती है। किसी वरिष्ठ अधिकारी की मदद से आपको साझेदारी पर आधारित मौके मिलेंगे, लेकिन विलंब (delays) होगा और शर्तों की सख्त जाँच होगी।
मिथुन आर्थिक राशिफल (Mithun Finance Rashifal)
आज आपकी कमाई सीधे आपके करियर और सार्वजनिक व्यवहार पर निर्भर करेगी। आपको नेटवर्क और दोस्तों से लाभ मिल सकता है, पर अधिक वादे न करें। कुछ परिस्थितियों के कारण अप्रत्याशित खर्च भी सामने आएंगे (जैसे यात्रा, इलाज या पुराना बकाया)।
मिथुन प्रेम राशिफल (Mithun Love Rashifal)
आज रचनात्मकता से रोमांस बढ़ेगा (जैसे कोई गिफ्ट देना)। आकर्षण और बातचीत तो अच्छी होगी, पर बहस को शांत रखें। पार्टनरशिप में देरी होगी और ज़िम्मेदारियाँ बढ़ेंगी। दूर से आकर्षण या अचानक लव प्रपोजल मिलने के योग भी हैं।
मिथुन स्वास्थ्य राशिफल (Mithun Health Rashifal)
आप खुश रहेंगे, पर एनर्जी बिखरेगी और चिंता बढ़ सकती है। काम का लोड और ज़्यादा सोचना थकाएगा। छोटी मोटी चोटों का खतरा है इसलिए बचें। तनाव और नींद की कमी भी संभव है, ऐसे में पानी और पेट का ख्याल रखें।
मिथुन राशि उपाय और सुझाव (Mithun Rashi Remedies & Tips)
- किसी शिक्षक या मार्गदर्शक को एक छोटा उपहार दें, इससे आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव बढ़ेगा।
- अपने कार्यस्थल पर हरे पत्तेदार पौधा रखें, यह आपकी ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करेगा।
- भगवान विष्णु की पूजा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें।
